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पंचप्रेतासन पर विराजमान मां बग्लामुखी करती मनोरथ पूरी

18 Oct, 2020 03:40 AM | R Kumar 8

पक्कीसराय रोड स्थित मां बग्लामुखी पिताम्बरी शक्ति सिद्धपीठ मंदिर शक्तिशाली पीठों में से एक माना जाता है। मंदिर में स्थापित माता की मूर्ति अष्टधातु की है। जो दस भुजा स्वरूप में पंचप्रेतासन पर विराजमान है। यहां नवरात्र में नौ दिनों तक भक्तों का तांता लगा रहता है। गर्भगृह के ठीक सामने महा सहस्त्र दल यंत्र स्थापित है। नवरात्र हो या अन्य दिन यहां साधकों का मेला लगा रहता है। यहां आने वाले साधकों द्वारा यंत्र स्थल पर साधना करने से साधना की सिद्धि प्राप्त होती है। इस स्थल पर रुद्राभिषेक, सहस्त्र अभिषेक करने से मनोवांछित इच्छाएं पूर्ण होती है। साथ ही दही व हल्दी चढ़ाने से मां प्रसन्न होती है। दूसरे जिले के श्रद्धालु यहां आकर मां के दरबार में माथा टेककर अपनी मनोकामना मांगते है।



वैसे तो मां बग्लामुखी मंदिर का इतिहास पौने तीन सौ वर्ष पुराना है। कहा जाता है कि इस जगह पर पहले भी मंदिर था। जो 1934 के भूकंप में नहीं रहा। इसके बाद स्व. रुदल प्रसाद के महागुरु स्व. भवानी मिश्र बाबा के सानिध्य में मंदिर का जीणोद्धार किया गया। तब से लगातार पूरे विधि-विधान से पूजा होती आ रही है।

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