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जलछाजन प्रबंधन योजना के तहत दिया गया प्रशिक्षण

संवाद सूत्र, रजौली : महिला विकास समिति रजौली के तत्वाधान में नाबार्ड द्वारा प्रायोजित कार्यक्रम जल संग्रह एवं मछली पालन कार्यक्रम को लेकर प्रशिक्षण शिविर का आयोजन शुक्रवार को डीह रजौली में किया गया। प्रशिक्षण शिविर में लोगों को जल संग्रह एवं मछली पालन करने के तरीकों को विशेष रुप से जानकारी दी गई।



मध्य विद्यालय डीह रजौली में आयोजित शिविर का शुभारंभ हजारीबाग से भूमि संरक्षण विभाग के अभियंता पद से सेवानिवृत धीरेन्द्र कुमार सिन्हा ने किया। उन्होंने ट्रेनिग ऑन पीसी कल्चर पर कहा कि आज किसानों को आगे बढ़ना है तो निश्चित रूप से मछली पालन पर ध्यान आकृष्ट करना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर एक एकड़ में मछली पालन किया जाए तो किसानों को एक साल में तीन लाख से अधिक की आय होगी। इसलिए अन्य उत्पादन के साथ-साथ मछली पालन अवश्य करना चाहिए। इधर, गांव में ट्रेनिग ऑन वाटर बजटिग पर सिचाई विभाग से सेवानिवृत्त अभियंता ने कहा कि बूंद बूंद पानी को बचाना होगा तथा कौन सा फसल लगाया जाए, जिसका कम पानी में उत्पादन हो इसकी अधिक जानकारी होना आवश्यक है। पानी के बहाव को बनाए गए विधिवत तरीकों से रोकना होगा। ताकि पानी का सही समय पर उपयोग हो सके। प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षक शंकर दयाल सिंह एवं एमवीएस रजौली सुरेंद्र सिंह कहा कि अगर किसान 1 एकड़ में मछली पालन करते हैं तो किसानों को साल भर में तीन लाख रुपये से अधिक का आय होता है। इसलिए किसान को खेती के साथ साथ मछली पालन भी करना चाहिए। इस दौरान दर्जनों ग्रामीण मौजूद थे।

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