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जर्जर सड़क बन रही जानलेवा

जासं, नवादा, नवादा में राष्ट्रीय राजमार्ग समेत अन्य सड़कों पर जिला प्रशासन की ओर से 19 ब्लैक स्पॉट को चिन्हित किया गया है। जहां प्रतिवर्ष सड़क दुर्घटना में सैंकड़ों लोगों की मौत होती है। सैंकडा़े लोग घायल होकर विकलांगता का शिकार हो रहे हैं। इसके पीछे कई वजह माना जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग-31 की बात करें तो कई स्थानों पर सड़क की स्थिति जर्जर हो चुकी है। कई स्थानों पर गड्ढा बन चुका है। इसके अलावा अनुमंडल व प्रखंड स्तर की सड़कों की स्थिति भी जर्जर है। साथ ही कई स्थानों पर तीखा मोड़ भी दुर्घटना का मुख्य कारण माना जा रहा है। नवादा की सड़कों पर वर्ष 2020 की बात करें तो जिले के विभिन्न मार्गों पर दस माह में 163 सड़क दुर्घटनाएं हुई है। जिसमें 97 लोगों की जान चली गई है। जबकि 151 लोग घायल हो चुके हैं। साथ ही दर्जनों लोग विकलांगता के शिकार हुए हैं। हालांकि सरकार की ओर से राष्ट्रीय राजमार्ग-31 समेत अन्य सड़कों को दुरुस्त किया जा रहा है। लेकिन परिवहन विभाग व यातायात पुलिस द्वारा सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। कम उम्र के चालक भी सड़कों पर वाहन लेकर दौड़ते फिरते हैं। जिसके पास ना तो ड्राइविग लाइसेंस है और नहीं यातायात नियमों की जानकारी है। वाहनों को भीड़-भाड़ वाले इलाके में भी लेकर घुस जाते हैं। इसके कारण भी सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि हो रही है। बावजूद इस पर रोक लगाने के लिए परिवहन विभाग व पुलिस प्रशासन द्वारा पहल नहीं की जा रही है।




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जर्जर सड़कों से होती है दुर्घटनाएं
- इन दिनों राष्ट्रीय राजमार्ग-31 का हाल बेहाल है। सड़क की स्थिति इतनी जर्जर हो चुकी है कि दर्जनों स्थानों पर गड्ढा बन चुका है। जबकि 24 घंटे राजमार्ग से होकर झारखंड, बंगाल, यूपी समेत अन्य स्थानों के लिए छोटे-बड़े वाहन गुजरते रहता है। मालवाहक व यात्री वाहनों का परिचालन होता रहता है। लेकिन कौन वाहन कहां दुर्घटनाग्रस्त हो जाएगा, कोई नहीं बता सकता है। जहां सड़कों की स्थिति अच्छी है वहां एक-दूसरे वाहन ओवरटेक करने के चक्कर में टक्कर हो रही है। साथ ही कई लोग मौत के शिकार हो रहे हैं।
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दुर्घटना रोकने का नहीं हो रहा प्रयास
- सरकारी स्तर पर सड़क दुर्घटना रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। सड़कों पर कहीं भी स्पीडो मीटर नहीं लगाए गए हैं। जिससे की पता चल सके कि कौन सा वाहन किस रफ्तार से जा रही है। वाहनों की रफ्तार पर अकुंश लगाने के लिए अबतक कोई प्रयास भी नहीं किया गया है। इसके कारण सड़क दुर्घटनाएं अधिक हो रही है।
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जिलेभर में है कुल 19 ब्लैक स्पॉट
- जिले के राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर लोहानी बिगहा खुरी नदी पुल से लेकर बाबा ढावा, सद्भावना चौक स्थित नकटी पुल, मुफस्सिल थाना के अम्बिका बिगहा, गोड़धोवा, खर्रांट मोड़, अमरपुर मुसहरी, सीतारामपुर, अकौनाडीह, नवादा-जमुई पथ पर साईं नर्सिंग होम आदि स्थानों को प्रशासन की ओर से ब्लैक स्पॉट के रूप में चिन्हित किया गया है। रजौली अनुमंडल के चित्रकोली, अमावां, कारी गांव व बांके मोड़, हिसुआ-नवादा पथ पर पुलिस लाईन, खानपुर, दयाली बिगहा,उड़सा वारिसलीगंज थाना के खानापुर पुल व बागीबरडीहा, आदि स्थानों पर दुर्घटनाएं होते रही है। जिला प्रशासन की ओर से इन स्थानों को ब्लैक स्पॉट की सूची में शामिल किया गया है।
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