कोरोना (India)
कुल केस:
स्वस्थ हुए :
मौत:

टीम इंडिया का वो दिग्गज गेंदबाज, जिसे ऑस्ट्रेलिया टीम ने गिफ्ट किया था छेद वाला बल्ला

भारतीय क्रिकेट टीम दिग्गज स्पिनरों मे शुमार भागवत चंद्रशेखर का आज 75वां जन्मदिन है। 70-80 के दशक में भारत के पास मशहूर स्पिन चौकड़ी थी, कुछ बेहतरीन स्पिनर हुआ करते थे जिसमें बिशेन सिंह बेदी, ईरापल्ली प्रसन्ना, वेंकेट राघवन और भागवत चंद्रशेखर का नाम आता है। इन सभी में से निसंदेह चंद्रशेखर सबसे ज्यादा अनोखे और चमत्कारी थे ।
सीजन सेल में लैपटॉप और मोबाइल पर पाए 50 % तक डिस्काउंट, click करे लिंक पर



1964 से लेकर 1979 तक भारत की कई जीत और हार का हिस्सा रहे। उन्होंने कभी भी अपनी कमी को अपने आड़े नहीं आने दिया और टीम के लिए मैच जिताऊ प्रदर्शन करते रहे। चंद्रशेखर को को 5-6 साल की उम्र में पता चला कि उन्हें पोलियो है। उस समय उनका हाथ बिल्कुल काम नहीं करता था, लेकिन 10 साल की उम्र के बाद हाथ में सुधार हुआ लेकिन 100 प्रतिशत ठीक नहीं हुआ।
उन्होंने अपनी कमजोरी को सबसे बड़ी ताकत बनाई। हाथ पतला होने के कारण उन्हें वो लचीलापन और गेंद का ज्यादा टर्न कराने की ताकत मिली। वो ज्यादातर लेग स्पिन करते थे और इस दौरान उनकी तेज तर्रार गुगली किसी भी बल्लेबाज से खेली नहीं जाती थी।
जन्मदिन व जन्मस्थल
भागवत चंद्रशेखर का जन्म 17 मई 1945 को मैसूर में हुआ था। इनका पूरा नाम भागवत सुब्रमण्य चंद्रशेखर है।
रिची बेनॉड के बड़े फैन
भारत का यह स्पिनर ऑस्ट्रेलिया के लेग स्पिनर और ऑलराउंडर रिची बेनॉड के बहुत बड़े फैन थे। यह बेनॉड का ही प्रभाव था कि उन्होंने साल 1963 में स्पिनर बनने का मन बनाया।
टेस्ट और वनडे डेब्यू
21 जनवरी, 1964 को उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू किया। हालांकि चंद्रशेखर ने अपने इंटरनेशनल करियर में केवल एक ही वनडे खेला है और वो 22 फरवरी 1976 को उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला है। चंद्रशेखर ने अपने टेस्ट करियर में खेले गए 58 टेस्ट मैचों में 242 विकेट हासिल किए थे, जिसमें उनका बेस्ट प्रदर्शन 79 रन देकर 8 विकेट रहा था। वनडे में उनके सिर्फ 3 विकेट दर्ज थे। साल 1972 में भागवत चंद्रशेखकर को विजडन क्रिकेटर ऑफ द इयर चुना गया था।
सबसे यादगार मुकाबला
महज 19 साल की उम्र में ही उन्होंने टीम में जगह बनाई और इंग्लैड से लेकर वेस्टइंडीज तक सभी बड़ी टीमों के खिलाफ अपने काबिलियत का लोहा मनवाया। बीच में ऐसा भी हुआ जब उन्हें कार दुर्घटना की वजह से टीम से बाहर रहना पड़ा। बाद में साल 1971 में वह एक बार फिर इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज से टीम में आए और ओवल के मैदान पर खेले गए एक मुकाबले में उन्होंने 38 रन देकर 6 विकेट हासिल किए और पूरे अंग्रेजी टीम को उन्होंने 101 रनों पर ढ़ेर कर दिया। भारत को इस मैच में जीत मिली।
गायक मुकेश कुमार के बड़े फैन
भागवत चंद्रशेखर को बचपन से ही गानों से लगाव था और वो हिंदी सिनेमा के बड़े गायकों में से एक मुकेश कुमार से बहुत बड़े फैन थे। कहा जाता है कि चंद्रशेखर के पास मुकेश कुमार के 800 से भी ज्यादा गानों पिटारा था। बहुत जल्द ही जब वो भारतीय टीम में चुने जाने के बाद बॉम्बे गए तो ना सिर्फ ये मुकेश से मिले बल्कि दोनों में अच्छी दोस्ती भी हो गई।
ऑस्ट्रेलिया ने गिफ्ट में दिया छेद वाला बल्ला
चंद्रशेखर भले ही एक वर्ल्ड -क्लास स्पिनर थे लेकिन दूसरी तरफ वो बेहद ही खराब बल्लेबाज थे। भारत के पास तब छठे नंबर के बाद बल्लेबाज के नाम पर सिर्फ गेंदबाज हुआ करते थे जिनके अंदर बल्लेबाजी क्षमता जीरो होती थी। साल 1977-78 में वो ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गए जहां वो सीरीज में 4 बार शून्य पर आउट होकर पवेलियन लौटे। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया की टीम ने इन्हें एक बल्ला गिफ्ट में दिया जिसके बीच में एक छेद था। अपने टेस्ट करियर में उन्होंने कुल 167 रन बनाए जिसमें वह 23 बार जीरो पर आउट होकर पवेलियन लौटे है।
Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment.
Notify me of follow-up comments by email.
Notify me of new posts by email.

अन्य समाचार