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शाखा प्रबंधक, कैशियर को हिरासत में लेकर पुलिस कर रही है पूछताछ

संवाद सूत्र, सहरसा : शहर से सटे बैजनाथपुर स्थित भारतीय स्टेट बैंक से सवा करोड़ रुपये के सोना चोरी मामले में सदर पुलिस ने शाखा प्रबंधक सहित कई बैंककर्मी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। इस मामले में बैंक के लेखापाल और कैशियर को निलंबित कर दिया है।

एसबीआई बैजनाथपुर शाखा प्रबंधक ललित कुमार सिंहा ने बैजनाथपुर पुलिस शिविर में दिए आवेदन में बताया कि नौ मई 22 को बैंक शाखा के स्ट्रांग रूम के भौतिक सत्यापन के दौरान वोल्ट रूम में रखे गोल्ड लोन से संबंधित स्वर्ण सामग्री नहीं पायी गई। 10 मई की सुबह ही बैंक का सीसीटीवी के अवलोकन में यह बात सामने आयी कि बैंक के सफाईकर्मी उमेश मल्लिक द्वारा ही इस घटना को अंजाम दिया गया। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर ही पुलिस ने जब अपनी तहकीकात शुरू की तो मामला परत दर परत खुलता गया। यह पहली घटना है जब किसी बैंक से गोल्ड लोन के रूप में बैंक में जमा सोने के जेवरात की पोटली को चोर चुरा ले गए।

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55 लाख लोन के एवज में गिरवी था दो किलो 711 ग्राम सोना
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बैंक से 48 बैंक उपभोक्ताओं ने गोल्ड लोन रखकर करीब 55 लाख रुपये लोन लिए थे। अलग- अलग तिथियों में लिए गए लोन की राशि के एवज में करीब सवा करोड़ रूपये के जेवरात बैंक ने गिरवी रखे थे। यही गिरवी रखे गए लोगों के जेवरात को चोर ने चोरी कर लिया।
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की होल्डर की मिलीभगत से हुई चोरी
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बैंक में गोल्ड लोन में जमा किए गए जेवरात के लिए दो बैंककर्मियों को कस्टोडियन बनाया जाता है। एसबीआई बैजनाथपुर में लेखापाल अशोक उरांव और कैशियर प्रत्युष कुमार को बनाया गया। दोनों के पास एक- एक चाबी सेफ की रहती थी। दोनों चाबी के बाद ही सेफ खुलता था। जिसमें गोल्ड लोन के जेवरात रखे गए थे। सदर पुलिस का कहना है कि जब चाबी बैंक के की होल्डर के पास रहती थी तो सफाईकर्मी के पास चाबी कैसे पहुंच गयी। यह तो जांच के बाद ही खुलासा हो पाएगा। इस मामले में की होल्डर की मिलीभगत से ही इस घटना को अंजाम दिया गया।
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बैंक ने एकाउंटेंट व कैशियर को किया निलंबित
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भारतीय स्टेट बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक विनोद कुमार सिंह ने कहा कि बैंक से लोन चोरी के मामले में प्रथम द्रष्टया एकाउंटेंट अशोक उरांव और कैशियर प्रत्युष कुमार को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गयी है। उन्होंने कहा कि बैंक का कामकाज प्रभावित न हो इसके लिए दूसरे बैककर्मियों की तैनाती की गयी है।
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ग्राहकों को नहीं होगा कोई नुकसान
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क्षेत्रीय प्रबंधक विनोद कुमार सिंह ने कहा कि लोन चोरी के मामले में पुलिस गहराई रूप से जांच पड़ताल कर रही है। चोरी गए सोना की रिकवरी होने या न होने पर भी इससे गोल्ड लोनियों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं होगी और न ही किसी तरह का नुकसान होगा। बैक हर लोनियों को उसके जेवरात लोन चुकता होने पर वापस करेगी। साथ ही वर्तमान रेट के अनुसार ही उन्हें चुकता किया जाएगा। गोल्ड लोनियों के पास भी बैक में जमा जेवरात की सूची रहती है। इसीलिए कहीं कोई गडबडी नहीं होगी। बैक हर समय उपभोक्ताओं के हितों व सुविधा के लिए तत्पर रहेगी।

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