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अदालती आदेश की अवहेलना पर पारसविगहा थाना प्रभारी को 1800 रुपये का अर्थदंड

जागरण संवाददाता, जहानाबाद:

स्थानीय व्यवहार न्यायालय स्थित न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी आलोक कुमार चतुर्वेदी के न्यायालय ने पारसविगहा थाना प्रभारी द्वारा अदालत के आदेश की अवहेलना करने के मामले को गंभीरता से लिया है। न्यायालय ने पारस विगहा थाना कांड संख्या 80/ 2007 से संबंधित एक मामले में न्यायालय से अनुपस्थित चल रहे अभियुक्त पंडित मांझी के विरुद्ध न्यायालय द्वारा दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 82 तथा 83 के तहत जारी की गई कार्रवाई की तामिला रिपोर्ट की मांग चार जनवरी 2021 को की थी। लेकिन थाना प्रभारी द्वारा इसका कोई जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद न्यायालय द्वारा पुन: 23 फरवरी को थाना प्रभारी से तामिला रिपोर्ट एवं स्पष्टीकरण मांगा गया। लेकिन थाना प्रभारी द्वारा तामिला रिपोर्ट तथा स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। इसके बाद भी न्यायालय द्वारा 23 मार्च को थाना प्रभारी को अनुस्मारक भेजा गया । बार-बार न्यायालय द्वारा मांगी गई तामिला रिपोर्ट एवं स्पष्टीकरण के आदेश का थाना प्रभारी द्वारा अनुपालन नहीं किया गया और नहीं कोई संतोषजनक उत्तर दिया गया। न्यायालय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि थाना प्रभारी का यह आचरण न्याय प्रशासन के प्रति उनकी कर्तव्यनिष्ठा के प्रतिकूल एवं न्यायालय का अवमान प्रकट करता है । उन्हें अदालती आदेश का अनुपालन करने के लिए छह तिथि प्रदान की गई। साथ ही न्यायालय का कार्य भी बाधित हुआ । इसलिए न्यायालय ने प्रत्येक तिथियों पर तीन सौ रुपये के हिसाब से 18 सौ रुपए उनके वेतन से काटकर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कार्यालय में जमा करा कर न्यायालय को सूचित करने का निर्देश पुलिस अधीक्षक को दिया है।
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