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अब नहीं होगा पक्षियों के चोंच से आम और लीची को नुकसान

जागरण संवाददाता, सुपौल: आम को पक्षियों की चोंच से बचाने के लिए परेशान किसानों के लिए राहत भरी खबर है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना रफ्तार अंतर्गत एंटी बर्ड नेट मुहैया कराया जाएगा । यह नेट पक्षियों को आम तक पहुंचने से रोकेगा । यह नेट बगीचा मालिक आम के पेड़ पर लगाएंगे। इसके लग जाने से पक्षियों की चोंच तक नहीं पहुंच पाएगा। उद्यान विभाग की ओर से एक हेक्टेयर बगीचा में आम की सुरक्षा के लिए किसान को 35 हजार में एंटी बर्ड नेट दिया जाएगा। जिस पर किसानों को पचास फीसद का अनुदान भी दिया जाएगा ।उद्यान विभाग द्वारा इसके लिए किसानों से आवेदन लेने की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। आनलाइन आवेदन करते समय बगीचा का स्वामित्व प्रमाण पत्र किसानों को देना अनिवार्य होगा। जिले को फिलहाल 2 हेक्टेयर बगीचे में एंटी बर्ड नेट लगाने का लक्ष्य मिला है । उद्यान विभाग के सहायक परियोजना निदेशक अकाश कुमार ने बताया कि प्रयोग के तौर पर इस वर्ष बगीचा मालिक को एंटी बर्ड नेट दिया जा रहा है । यदि सफलता मिली और बगीचा मालिकों का इस ओर रुझान बढ़ा तो अगले वित्तीय वर्ष में इसे विस्तारित किया जाएगा। एक किसान अधिकतम 5000 वर्ग मीटर में यह नेट लगा सकते हैं । इस नेट पर 35 रुपये प्रति वर्गमीटर खर्च आता है।


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प्लास्टिक मल्चिग की भी सुविधा
आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्लास्टिक मल्चिग की सुविधा भी किसानों को दी जाएगी। जिले में इस वर्ष 0.5 एकड़ से लेकर 2 एकड़ तक प्लास्टिक मल्चिग विधि से सब्जी की खेती का लक्ष्य निर्धारित है। इसमें 35 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से किसान को प्लास्टिक मल्चिग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी । एक किसान को अधिकतम 2 हेक्टेयर तक का लाभ दिया जाएगा । किसान इसके साथ ड्रिप सिचाई योजना का भी लाभ ले सकते हैं। इस विधि से एक तो सिचाई में पानी की खपत कम होती है और खरपतवार भी कम उगते हैं। जिससे सब्जियों पर पड़ने वाले लागत मूल्य कम पड़ता है और किसानों को अच्छी खासी आमदनी होती है। सबसे बड़ी खासियत है कि इस विधि से सिचाई करने पर किसानों को 15 से 18 दिन बाद ही दूसरी सिचाई करनी पड़ती है।
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सब्जी की खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार किसानों को पाली हाउस देने की भी व्यवस्था की है। पाली हाउस पर 935 रुपये प्रति वर्ग मीटर का खर्च आता है । जिस पर सरकार द्वारा 75 फीसद अनुदान देने की व्यवस्था की गई है। एक किसान अधिकतम 1000 वर्ग मीटर से 4000 वर्ग मीटर तक का लाभ ले सकते हैं। बताया कि हाल के दिनों जिले में पालीहाउस की खेती करने की परंपरा में बढ़ोतरी हुई है। हालांकि इसके लिए कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं किया गया है जितने किसान आवेदन करेंगे प्राय: सभी किसानों को यह लाभ दिया जाएगा।
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कोट-
चालू वित्तीय वर्ष में सरकार द्वारा लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है। जिले को पहली बार एंटी बर्ड नेट का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इसके लिए आम तथा लीची की खेती करने वाले किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है । जिले में आम की खेती बड़े पैमाने पर होती है । परंतु पक्षियों के प्रहार से किसानों को घाटा सहना पड़ता है। ऐसे में एंटी बर्ड नेट जिले में बड़ा ऐसे किसानों के लिए सहायक सिद्ध होंगे।
-आकाश कुमार
जिला उद्यान पदाधिकारी

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