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दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाने के लिए बीआरसी में लगाया गया शिविर

संवाद सहयोगी, किशनगंज : बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के निर्देशानुसार बुधवार को खगड़ा स्थित बीआरसी में स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड शिविर में आने वाले बच्चों की दिव्यांगता जांच कर प्रमाण पत्र निर्गत किया गया। दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने के लिए रोस्टर के अनुसार सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक जांच शिविर लगाई गई। यह बातें जिला शिक्षा पदाधिकारी सुभाष कुमार गुप्ता ने दिव्यांगता जांच शिविर में कही।

उन्होंने कहा कि दिव्यांगता जांच शिविर में 50 दिव्यांगों बच्चों की जांच कर उन्हें प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया। जबकि शिविर में 105 दिव्यांग बच्चों की जांच की गई। साथ ही दिव्यांग प्रमाण पत्र का नवीनीकरण भी हुआ। बिहार शिक्षा परियोजना के समावेशी शिक्षा संभाग अंतर्गत दिव्यांग प्रमाण पत्र का नवीनीकरण शिविर का आयोजन किया गया था। वही जिले के बहादुरगंज बीआरसी में 23 जून, दिघलबैंक बीआरसी में 24 जून, कोचाधामन बीआरसी में 25 जून, पोठिया बीआरसी में 27 जून, ठाकूरगंज बीआरसी में 28 जून और टेढ़ागाछ बीआरसी में 29 जून को शिविर आयोजित होंगे।

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डा. केके कश्यप की देखरेख में लगी शिविर में नाक, कान, गला, मुख बधिर एवं मानसिक रूप से दिव्यांग बच्चे अपने संबंधित रोग का एमजीएम मेडिकल कालेज से जांच कराकर जांच रिपोर्ट दिव्यांग आवेदन के साथ संग्लन करना आवश्यक है। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी धर्मेन्द्र कुमार ने कहा की बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के निर्देशानुसार शिविर में वैसे बच्चे शामिल होंगे। अबतक जिनका दिव्यांग प्रमाण पत्र नहीं बना है या नवीकरण की आवश्यकता है। जिन दिव्यांग बच्चों का दिव्यांगता प्रमाण पत्र है। उसे शिविर में जाने की जरुरत नहीं है।
शिविर स्थल पर सैनिटाइजर, ग्लव्स, मास्क और फ‌र्स्ट एड की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग से समन्वय स्थापित कर किया गया। इसके लिए पारा मेडिकल स्टाफ को आवश्यक दवाओं के साथ प्रतिनियुक्त किए गए। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी प्राथमिक शिक्षा एवं एसएसए इस कार्यक्रम के नोडल पदाधिकारी के रूप में कार्य कर रहे हैं। कुछ आवश्यकता वाले दिव्यांग बच्चों का भी प्रमाण पत्र और यूनिक डिसेबिलिटी आइडेंटी कार्ड बनाने को प्राथमिकता दी गई है। बौद्धिक अक्षमता, विशिष्ट अधिगम, दिव्यांगता एवं आटिज्म संबंधित प्रमाण पत्र और यूडीआइडी बनाने का विशेष ध्यान रखा गया है।

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