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मासूम के हत्यारे चाचा-भतीजे को सश्रम आजीवन कारावास

शिवहर। मासूम के हत्या के सात साल पुराने मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश धर्मशील श्रीवास्तव ने हत्यारे चाचा-भतीजे को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। पुरनहिया थाना अंतर्गत बखार चंडिहा गांव में साल 2015 में हुए चंद्रिका पंडित के आठ वर्षीय पुत्र धीरज पंडित की पीट-पीटकर हत्या मामले की सुनवाई करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद बुधवार को बखार चंडिहा निवासी गेना साह और उसके भतीजे मनोज साह को दो अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाई। जिला जज ने धारा 302 के तहत दोनों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दस हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया। आर्थिक दंड की राशि अदा नहीं करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। वहीं, धारा 201 के तहत दोनों को तीन वर्ष की सश्रम कारावास की सजा के साथ दो हजार का जुर्माना लगाया। जुर्माने की राशि नहीं देने पर एक माह की साधारण कारावास की सजा सुनाई। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेगी। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक शैलेंद्र कुमार ने बहस की। एसपी अनंत कुमार राय ने हत्यारोपितों को आजीवन कारावास की सजा मिलने को पुलिस की उपलब्धि बताया है। कहा हैं कि, पुलिस द्वारा सही तरीके से अनुसंधान करने और पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध कराने के चलते जिला जज ने स्पीडी ट्रायल के तहत सजा सुनाई है। जिला अभियोजन पदाधिकारी पंकज पंजिकार ने बताया कि, पुरनहिया थाना के बखार चंडिहा गांव में हुए बच्चे की हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश धर्मशील श्रीवास्तव ने चाचा-भतीजे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं साक्ष्य के अभाव में दो महिलाओं को बरी कर दिया है।


बताते चलें कि, शिवहर जिले के पुरनहिया थाने के बखार चंडिहा गांव में आपसी दुश्मनी में पड़ोसियों ने 14 सितंबर 2015 को चंद्रिका पंडित के पुत्र धीरज पंडित (08) की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। वहीं शव को गन्ने के खेत में फेंक दिया था। वारदात को उस वक्त अंजाम दिया गया था जब, धीरज पंडित पड़ोसी गेना साह के दरवाजे पर खेल रहा था। कुछ देर बाद लौटे चंद्रिका पंडित ने बेटे को गायब पाया। पूछताछ करने पर पड़ोसियों ने कोई जानकारी नहीं दी। अगले दिन 15 सितंबर 2015 को धीरज पंडित का शव गांव स्थित इंद्रदेव साहनी के गन्ने के खेत में मिला था। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच की थी। वहीं शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। घटना की बाबत चंद्रिका पंडित ने पुरनहिया थाने में हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जिसमें बखार चंडिहा निवासी गेना साह, उसकी पत्नी कलावती देवी व गेना साह के भतीजे मनोज साह तथा उसकी पत्नी बिदु देवी को आरोपित किया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्चे की पीट-पीटकर हत्या का मामला सामने आया था। पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य के साथ कोर्ट में अंतिम चार्जशीट दायर किया था। इसके आलोक में कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद हत्यारोपी चाचा-भतीजे को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

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