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धान बीज उत्पादन के लिए जिले को आत्मनिर्भर बनाने की पहल

बेतिया। जिले को धान बीज उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणीय बनाया जाना है। इसके लिए जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने जिले के जिला कृषि पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिया है। ऐसा इसलिए कि अभी जिले में प्रतिवर्ष लगभग 40 हजार क्विटल धान बीज की आवश्यकता होती है, जो बाहर से मंगाया जाता है। धान की फसल में किसानों को प्रति एकड़ लगभग 15 हजार का लाभ होता है, लेकिन जब किसान धान का बीज उत्पादन करेंगे, तो यह आमदनी दो गुनी हो जाएगी। डीएम ने जिन जगहों पर जहां धान बीज का उत्पादन किया जाता है, वहां बेहतर ढंग से अध्ययन करने और पश्चिमी चम्पारण जिले में बीज उत्पादन कराने के लिए सार्थक प्रयास करने को कहा है। ताकि बीज उत्पादन में भी किसानों का रूझान हो और यह क्षेत्र भी उनके लिए आमदनी का जरिया बने। जानकार बताते हैं कि धान की खेती में पश्चिम चंपारण जिला सूबे में सबसे आगे है। यहा प्रति वर्ष 1 लाख 34 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में धान की खेती होती है। इतने बड़े रकबा में धान की खेती के लिए किसानों को बीज के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ती है। इस वर्ष 7370 किसान करेंगे प्रमाणित बीज का उत्पादन जिले में धान के बीज की समस्या को देखते हुए विभाग ने जिले के 1494 गांवों में धान बीज उत्पादन के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया है। प्रत्येक गांव में छह किसानों को चयनित कर मुख्यंमंत्री तीब्र बीज विस्तार योजना के तहत पांच-पांच किलोग्राम 90 प्रतिशत अनुदान पर धान बीज उपलब्ध कराया गया है। ताकि उनके द्वारा प्रमाणित बीज की खेती की जा सके। इतने बड़े रकबा में धान की खेती होने से अगले वित्तीय वर्ष में किसानों के पास 30 हजार क्विटल से ज्यादा धान बीज उपलब्ध हो सकेगा। स्वर्णा सब वन, राजेन्द्र श्वेता का किया गया वितरण


जिन किसानों ने बीज के लिए ऑनलाइन आवेदन दिया है, उन्हे 3848.16 क्विटल धान बीज उपलब्ध करा दिया गया है, जिसमें स्वर्णा सबवन, एमटीयू, 7029, सबौरश्री, राजेन्द्र स्वेता आदि प्रभेद शामिल हैं। किसानों को 10 वर्ष से अधिक के धान प्रभेदों पर 15 रूपया प्रतिकिलो एवं 10 वर्ष से कम के धान प्रभेदों पर 20 रूपया प्रतिकिलो अनुदान दिया जाता है।

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