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प्रखंड क्षेत्र में 5189 हेक्टेयर में होगी धान की रोपनी



संवाद सूत्र, पुरैनी (मधेपुरा): प्रखंड क्षेत्र में मानसून का आगमन हो चुका है। प्रखंड क्षेत्र में रुक-रुककर बारिश हो रही है। बारिश के कारण खेतों की मिट्टी में नमी आ गई है। किसान मानसून के आगमन के साथ आगे बारिश होने की मंशा लेकर अपने खेतों में धान की रोपनी करने की तैयारी युद्ध स्तर पर शुरू कर दी है।
मालूम हो कि प्रखंड क्षेत्र के अधिकांश किसान धान की खेती के लिए मानसून पर ही निर्भर हैं। मानसून के दगा दिए जाने पर किसान पंपसेट के सहारे पटवन करने पर मजबूर हो जाते हैं। बेवजह खर्च बढ़ने से लागत में काफी बढ़ोतरी हो जाती है।
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प्रखंड कृषि पदाधिकारी ओम प्रकाश यादव ने बताया कि विभागीय स्तर से इस बार प्रखंड क्षेत्र में 5189 हेक्टेयर में धान की रोपनी का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री तीव्र बीज विस्तार योजना के तहत 90 फीसद अनुदानित दर पर प्रखंड क्षेत्र की सभी नौ पंचायतों के राजस्व ग्राम में 925 किसानों के बीच विभिन्न प्रभेदों के 111 क्विंटल धान का बीज वितरण किया गया है। धान का बीज प्राप्त करने वाले शत-प्रतिशत किसानों ने बिचड़ा की बोआई कर ली है। इस सप्ताह लगभग 25 प्रतिशत किसानों का बिचड़ा रोपनी के लिए तैयार हो जाने की संभावना है। उन्होंने कहा कि प्रखंड क्षेत्र में के किसान जहां नकदी फसल के रूप में मक्का की व्यापक पैमाने पर खेती करते हैं। वहीं मक्का के बाद धान की खेती में विशेष रूचि रखते हैं यहां मक्का के बाद धान का उत्पादन दूसरा स्थान रखता है। प्रखंड क्षेत्र के किसान व्यापक पैमाने पर धान की खेती कर अपने जरूरत के अनुसार धान का चावल तैयार कर रख लेते हैं। साथ ही शेष बचे धान को बेचकर घर के अन्य जरूरी कार्यों को करने में भी सफल होते हैं। विभागीय सर्वेक्षण के अनुसार प्रखंड क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति धान की खेती के लिए काफी उपयुक्त है। यहां के किसान धान की खेती के साथ अन्य फसलों का उत्पादन कर खेती को व्यवसायिक रूप देने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं।

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