कोरोना (India)
कुल केस:
स्वस्थ हुए :
मौत:

अब ड्रैगन फ्रूट की खेती की ओर बढ़ रहा मधेपुरा



जागरण संवाददाता, मधेपुरा: अब मधेपुरा के किसान भी ड्रैगन फ्रूट की खेती कर सकेंगे। इस सफल प्रत्यक्षण कृषि विज्ञान केंद्र में किया गया है। कृषि विज्ञान केंद्र में लगाए गए ड्रैगन फ्रूट के पौधों में फल लगने लगे हैं।
केवीके के वरीय विज्ञानी सह प्रधान डा. विपुल कुमार मंडल ने बताया कि यहां की आबो हवा और मिट्टी ड्रैगन फ्रूट के लिए उपयुक्त है। केवीके में लगाए गए पौधों में आए फल का स्वाद भी काफी बेहतर है। ड्रैगन फ्रूट की खेती किसानों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी। डा. विपुल कुमार मंडल बताते हैं कि ड्रैगन फ्रूट के पौधों में गर्मी के मौसम में फल आता है। पौधे में फल आने की प्रक्रिया अप्रैल माह से लेकर नवंबर तक जारी रहता है। एक पौधा करीब 30 से 40 वर्ष तक फल देता है।

18 माह में फल देने लगता है ड्रैगन फ्रूट का पौधा ड्रैगन फ्रूट का पौधा लगाने के 18 माह में फल देने के लायक तैयार हो जाता है। फल देने की प्रक्रिया निरंतर जारी रहती है। पौधा लगाने को लेकर कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय विज्ञानी सह प्रधान डा. विपुल मंडल बताते हैं कि ऊंचे स्थल पर यह पौधा लगाना होता है। पौधे के जड़ में पानी नहीं लगना चाहिए। उन्होंने बताया कि केवीके में जैविक पद्धति से करीब 80 पौधा लगाया गया है। सभी पौधे में 18 माह के बाद फल आने लगा है। फल आने की प्रक्रिया अब निरंतर जारी रहेगी।
प्रत्यक्षण के लिए लगाए गए हैं 80 पौधे ड्रैगन फ्रूट का पौधा तैयार होने के नौ माह तक निरंतर फल आता है। इसको औषधीय फल माना जाता है। मधुमेह के रोगियों के लिए यह फल बरदान माना जाता है। केवीके के वरीय विज्ञानी बताते हैं कि किसानों प्रेरित करने के लिए प्रत्यक्षण के तौर पर यहां 80 पौधा लगाया है। प्रत्येक पौधों में फल आने लगा है। उन्होंने बताया कि 60 रुपये की दर से प्रति पौधा किसानों के लिए यहां उपलब्ध है। किसान केवीके से पौधों की खरीद कर सकते हैं।
एक एकड़ में करीब ढाई हजार पौधे लगा सकते हैं किसान किसानों को ड्रैगन फ्रूट की खेती करने को लेकर केवीके की ओर से प्रेरित किया जा रहा है। किसानों को प्रेरित करने को लेकर 80 पौधे यहां लगाए गए हैं। कृषि विज्ञानियों की माने तो एक एकड़ में किसान करीब ढ़ाई हजार पौधे लगाकर लाखों की आमदनी प्रतिमाह कमा सकते हैं। मालूम हो कि ड्रैगन फ्रूट करीब 450 रुपये किलो बाजार में बिकता है। विज्ञानियों की मानें तो ड्रैगन फ्रूट के पौधों में रासायनिक खाद देने की कोई जरूरत नहीं है। यह पूरी तरह से जैविक विधि से तैयार होता है। किसानों के लिए इसकी खेती लाभदायक है। केवीके में ड्रैगन फ्रूट का सफल प्रत्याक्षण किया जा चुका है। यहां लगाए गए सभी 80 पौधों में फल आने लगा है। फल का स्वाद भी काफी बेहतर है।
कोट ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए यहां की आवोहवा और मिट्टी काफी उपयुक्त है। इसकी खेती के लिए किसानों को लगातार प्रेरित किया जा रहा है। किसानों के लिए केवीके में 60 रुपये की दर ड्रैगन फ्रूट का पौधा उपलब्ध है। -डा. विपुल कुमार मंडल,
वरीय विज्ञानी सह प्रधान
कृषि विज्ञान केंद्र, मधेपुरा

अन्य समाचार