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आरक्षण रोस्टर क्लियर नहीं होने से दावेदारों में असमंजस की स्थिति

संस, जानकीनगर (पूर्णिया)। नगर निकाय के संभावित चुनाव पर सबकी निगाहें टिकीं हुई हैं , कितु आरक्षण रोस्टर क्लियर नहीं होने से विभिन्न पदों के दावेदारों में उहापोह की स्थिति बरकरार है। नगर पंचायत जानकीनगर एवं नगर परिषद बनमनखी के लोग संभावित चुनाव व आरक्षण रोस्टर को लेकर तरह तरह के कयास लगा रहे हैं।

हालांकि नगर पंचायत एवं नगर परिषद के गठन के बाद चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू हुई तो लोग जून जुलाई तक चुनाव हो जाने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन अब ऐसा नहीं लग रहा है। अलग-अलग पदों के दावेदारों खासकर चेयरमैन एवं डिप्टी चेयरमैन पद पर आरक्षण रोस्टर को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। मिली जानकारी अनुसार पहली बार सीधे मुख्य पार्षद और उपमुख्य पार्षद पद का चुनाव जनता द्वारा होना है। ऐसे में सरकार की घोषणा के बाद से चुनावी जंग में कूदने वाले उम्मीदवारों के बीच आरक्षण की स्थिति को लेकर बेचैनी बढ़ी हुई है। लोगों का कहना है कि सरकार द्वारा नवगठित, उत्क्रमित और सीमा विस्तारित निकायों के गठन के कारण राज्य निर्वाचन आयोग को नए सिरे से चुनावी तैयारी करनी पड़ रही है। जानकारी दी गई कि सरकार द्वारा तीन नवगठित सहित 10 नगर निकायों का फिर से गठन की अधिसूचना बीते 17 जून को जारी की गई है। इस कारण इनमें नए सिरे से मतदाता सूची की तैयारी और वार्डों के गठन की प्रक्रिया आरंभ की जानी है। इसमें निकायों की स्थिति में परिवर्तन करते हुए उसका उत्क्रमण या सीमा विस्तार किया गया है। इन कारणों से निकायों के चुनाव में विलंब होने के आसार हैं। नवगठित नगर पंचायत जानकीनगर के अलग-अलग हिस्सों के पूर्व जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों का कहना है कि जबतक चुनाव नहीं होगा तब तक विकास के कार्य भी बाधित हो सकते हैं या फिर विकास योजनाओं की गति धीमी पड़ सकती है। विभागीय निर्देशों के अनुसार बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 के तहत नवगठित नगरपालिका क्षेत्र में उस क्षेत्र के रूप में गठित किए जाने के पूर्व एवं अधिसूचना जारी होने के छह माह तक उस क्षेत्र पर अधिकारिता रखनेवाला स्थानीय प्राधिकार अपनी अधिकारिता बनाए रखेगा। बहरहाल नवगठित नगर पंचायत व नगर परिषद में चुनाव समय पर नहीं हो पाने के कारण लोग तरह तरह के कयास लगा रहे हैं।

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