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पार्सल की बंद बोरियों में कौन सा सामान, किसी को मालूम नहीं



संवाद सूत्र, जमालपुर (मुंगेर) : ट्रेनों के ब्रेकवान में पार्सल के रूप में किस तरह के सामनों की बुकिग हो रही है, किस तरह के सामान दूसरे प्रदेशों से पहुंच रहा है। इस बात से पार्सल कर्मी से लेकर रेलवे के प्रशासनिक पदाधिकारियों को भी मालूम नहीं है। पार्सल की बंद बोरियों या पैकेट में क्या है, इससे सभी अनजान है। स्कैनर नहीं होने से सामानों की जांच नहीं होती है। दरअसल, जमालपुर माडल रेलवे स्टेशन से होकर हर दिन भारी भरकम बंद बोरियों में समान का परिवहन यात्री ट्रेनों में हो रहा है। यहां के पार्सल कार्यालय से सभी ट्रेनों में समान भेजे जा रहे हैं, रोजाना उतारे भी जा रहे हैं। अब तक सामानों की जांच करने के लिए पार्सल कार्यालय में स्कैनर मशीन नहीं लगाई जा सकी है। ट्रेनों से पार्सल दफ्तर के जरिए कोई भी सामान मंगवाया या भेजा जा सकता है। इस बात से ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेलवे प्रशासन कितना गंभीर है। पार्सल में कोई फल बुक करे या फिर इसके नाम पर कोई हथियार, आपत्तिजनक समान बुक कर दे इसकी जांच नहीं होती है। ------------------------- सामानों की जांच की कोई सुविधा नहीं रेलवे स्टेशन, पार्सल कार्यालय व ट्रेनों में आतंकी और नक्सली घटनाएं होने के बाद भी जमालपुर स्टेशन पर सुरक्षा के कड़े उपाय नहीं किए गए हैं। पार्सल सामानों की जांच के लिए स्कैनर नहीं है। पार्सल के अंदर विस्फोटक है या कुछ और यह नहीं मालूम। ऐसे में भविष्य में किसी बड़ी घटना से इन्कार नहीं किया जा सकता। ----------------------- लगेज जांच कराए बिना निकलते हैं यात्री अमूमन देखने को मिलता जब कोई ट्रेन प्लेटफार्म पर खड़ी होती है तो प्लेटफार्म संख्या एक पर निकासी व प्रवेश द्वार पर कोई भी टीटीई तैनात नहीं होते हैं। ऐसे में बिना टिकट यात्रा कर रहे यात्रियों को निकलने में सुविधा होती है। जमालपुर रेलवे स्टेशन से बाहर निकलने के लिए कई ऐसे रास्ते हैं जहां कोई चेकिग करने वाला नहीं है। जमालपुर स्टेशन पर स्वतंत्रता दिवस को लेकर सुरक्षाबलों को पूरी तरह से अलर्ट मोड में रहने का निर्देश मुख्यालय द्वारा दिया गया है। हालांकि, आरपीएफ के जवान स्टेशन के प्रवेश द्वार पर लगेज स्केनर मशीन पर तैनात रहते हैं। लेकिन रेलयात्री प्रवेश द्वार छोड़कर निकासी द्वार के रास्ते से प्लेटफार्म में प्रवेश कर जाते हैं। ऐसे में सुरक्षाबलों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। -------------------- स्कैनर से होगी सुविधा, मिलेगी राहत मिलेगी अधिकारियों ने बताया कि स्कैनर लगने से कर्मचारियों को काफी राहत मिलेगी। इसके साथ ही समान की जांच भी आसानी से की जा सकेगी। पार्सल दफ्तर से हर माह करोड़ों रुपये की कमाई रेलवे करता है। उसके बाद भी यहां पर स्कैनर मशीन नहीं लगाई जा रही है। इसके लगने से सभी समान की मिनटों में जांच हो जाएगी, दुर्घटना की भी आशंका नहीं रहेगी। ---------------------- कोट -स्टेशन परिसर में लगेज स्कैनर मशीन लगा हुआ है। जहां यात्री की सामाों की नियमित रूप से जांच होती है। पार्सल स्कैनर मशीन लगाने के लिए मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा गया है। - मुकेश कुमार सेपट, पोस्ट इंचार्ज,जमालपुर।

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