ऑपरेशन के ढाई घंटे बाद महिला की मौत, स्वजन का हंगामा; आरोप- लापरवाह एएनएम ने इंजेक्शन लगाने के लिए पैसे मांगे



संवाद सूत्र, पकरीबरावां, नवादा। पकरीबरावां में लचर स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। गुरुवार को बंध्याकरण के ढाई घंटे बाद दर्द से कराहती महिला ने आखिरकार दम तोड़ दिया।
मामला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पकरीबरावां का है, जहां छतरवार के मनोज मांझी की 24 वर्षीया पत्नी सोनी देवी की मौत हो गई।
बताया जाता है कि महिला शुक्रवार को बंध्याकरण के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पकरीबरावां लाई गई थी।

दोपहर बाद साढ़े तीन बजे प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डा. अनिल कुमार सिन्हा द्वारा कुछ महिलाओं का ऑपरेशन किया गया था, जिनमें से एक मृतका सोनी देवी भी थी।
स्वजन का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद सोनी की बेहतर देखभाल नहीं की गई। कुछ ही देर बाद सोनी की तबीयत बिगड़ने लगी।
ड्यूटी में तैनात एएनएम को जब इस बारे में बताया गया, फिर भी एएनएम ने ध्यान नहीं दिया। आखिरकार उक्त महिला ने ढाई घंटे बाद करीब छह बजे दम तोड़ दिया।
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स्वजन ने आरोप लगाते हुए बताया कि ड्यूटी पर तैनात एएनएम ने पैसे की मांग भी की थी। परिजन ने का आरोप है कि एएनएम ने कहा कि 20 रुपये दो तब इंजेक्शन देंगे।

मृतका के स्वजन को मौत की सूचना मिलते ही हाहाकार मच गया। सुबह होते ही स्वजन के साथ बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंच हंगामा करने लगे।
लोगों की भीड़ एवं उनके तेवर देखकर डाक्टर एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने वहां से हटने में ही अपनी भलाई समझी। मौके पर पहुंचे प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं पकरीबरावां पुलिस ने लोगों को समझाया।
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लोग सीएस को बुलाने की मांग पर अड़े थे। सूचना मिलने पर सीएस बीएन चौधरी सीएचसी पहुंचे। उन्होंने स्वजन को समझा-बुझाकर मामले को शांत कराया।
प्रखंड विकास पदाधिकारी नीरज कुमार ने पारिवारिक लाभ योजनांतर्गत 20 हजार रुपये दिए। वहीं, अस्पताल प्रबंधन की ओर से भी 20 हजार रुपये की सहायता दी गई।
सीएस एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी ने अन्य सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। पुलिस ने महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए नवादा भेज दिया है।



सोनी देवी की मौत से उनके चार बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया है। चारों बच्चे एक-दूसरे से लिपट कर रो रहे थे। महज तीन-चार माह पूर्व ब्याही गई बड़ी बेटी अंशु कई बार बेहोश हो चुकी थी।
दिव्यांशु, कृष्णा-अंशु तथा अर्चना का रो-रोकर बुरा हाल था। बेटी की मौत की सूचना पर काशीचक से पहुंची मां भी रोते-रोते बेहोश हो रही थी।


एएनएम के खिलाफ पैसे मांगने की शिकायत मिली है। लापरवाह स्वास्थ्य कर्मियों के विरुद्ध पीड़ित द्वारा थाने में भी आवेदन दिया गया। सभी बिन्दुओं पर जांच की जा रही है। जांचकर अतिशीघ्र कार्रवाई की जाएगी। -डा. बीएन चौधरी, मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, नवादा

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