कोरोना अपडेट

कुल केस
0
स्वस्थ हुए
0
मौत
0
हर राज्य के कोरोना अपडेट के लिए क्लिक करे

सांसदों के निलंबन को ममता ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण, कहा- 'किसानों के हित में सरकार से लड़ते रहेंगे'

21 Sep, 2020 08:55 PM | R Kumar 14

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने आठ राज्यसभा (Rajyasabha) सांसदों के निलंबन को दुर्भाग्यपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि किसानों के लिए लड़ाई लड़ने वाले सांसदों का राज्यभा से निलंबन दुर्भाग्यपूर्ण है.



रविवार को कृषि बिल (Farm Bill) पर चर्चा के दौरान जमकर हंगामा हुआ था, जिसके बाद सभापति एम. वेंकैया नायडू (Venkaiah Naidu) ने आठ विपक्षी सांसदों को मौजूदा सत्र के बाकी समय के लिए निलंबित कर दिया. सस्पेंड किए गए सांसदों में कांग्रेस के तीन, तृणमूल कांग्रेस और CPI(M) के दो दो और आम आदमी पार्टी का एक सदस्य शामिल हैं. सांसदों के निलंबन पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी केंद्र सरकार पर जमकर बरसीं.

- Mamata Banerjee (@MamataOfficial) September 21, 2020
ममता बनर्जी ने ट्वीट करते हुए कहा कि "वह आठ सांसद जो किसानों के हित में प्रदर्शन कर रहे थे उन्हें सस्पेंड कर दिया गया. किसानों के हित में यह बिल नहीं है. यह सरकार की मानसिकता प्रदर्शित करती है. हम झुकेंगे नहीं, किसानों के हितों के लिए हम इस सरकार के खिलाफ सड़क से संसद तक की लड़ाई लड़ते रहेंगे."
तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ ब्रायन को भी निलंबित किया गया है. उनके साथ आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह, कांग्रेस नेता राजीव सत्व और CPI(M) नेता केके रागेश को भी निलंबित किया गया.
उपराष्ट्रपति ने की घटना की निंदा
राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ने इस घटना की निंदा की है. उन्होंने सोमवार को सदन शुरू होते ही कहा कि "यह घटना राज्यसभा के लिए बुरा दिन था. नायडू ने कहा कि "इन लोगों ने उपसभापति पर रूल बुक फेंकी. कोई भी सांसद चेयरमैन को बाधित नहीं कर सकता है. इस कृत्य से सदन बाधित हुआ और संसद की छवि को धूमिल हुई. क्या यह संसदीय मानक है? मैं सांसदों को सुझाव देता हूं थोड़ा आत्मनिरीक्षण कीजिए."
रक्षामंत्री ने भी की घटना की निंदा
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने भी इस घटना की निंदा की है. सोमवार को एस प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजनाथ सिंह ने कहा कि आज कृषि से संबंधित 2 विधेयकों पर चर्चा चल रही थी उस समय राज्यसभा में जो हुआ वो दुखद तो था ही, बेहद दुर्भाग्यपूर्ण भी था. ये दोनों विधेयक किसान और कृषि जगत के लिए ऐतिहासिक हैं. इससे किसानों की आय बढ़ेगी. फिर भी इस बिल को लेकर गलतफहमी पैदा की जा रही है कि MSP खत्म कर दी जाएगी जबकि यह एकदम गलत है. किसी भी सूरत में MSP को खत्म नहीं होने दिया जाएगा.

अन्य समाचार