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प्रशासन और मीडिया के बीच संतुलन जरूरी : डीएम

मीडिया से दूर होते जनसरोकर के मुद्दे दूर होते चिता का विषय फोटो-17 जासं, नवादा : राष्ट्रीय प्रेस दिवस के मौके पर शहर के प्रेस क्लब नवादा में कोविड 19 महामारी में मीडिया की भूमिका पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। अध्यक्षता जिलाधिकारी यशपाल मीणा ने की।



जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चैथा स्तंभ है। लोकतंत्र की मजबूती के लिए सभी का अपास में समन्वय जरूरी है।जनमानस के कल्याण के लिए योजनाओं की बात हो या जिले के विकास के लिए,मीडिया की अहम भूमिका है। नवादा में कोविड 19 का पहला केस 8 अप्रैल को आया तो प्रशासन के साथ साथ मीडिया के लोग रात्रि के दो-ढाई बजे तक साथ साथ सक्रिय दिखे। उन्होंने कहा कि नवादा में मीडिया काफी सकरात्मक है। कहा कि मीडिया एक दपर्ण की तरह है जो समाज और प्रशासन को वास्तविक शक्ल दिखाती है। प्रशासन और मीडिया भी रेल की पटरी तरह है जो साथ साथ चलती है। जिला पदाधिकारी ने कहा कि उनका उदेश्य सिस्टम में पारदर्शिता लाना है। इसके लिए हर डिपार्टमेंट को करप्शन फ्री करना है। उन्होंने कहा कि हर किसी में कमी हो सकती है। जरूरत है कि इस मी को पहचानें और उसे सकरात्मक सोच के साथ दूर करें। अंत में उन्होंने कहा कि कोविड 19 का खतरा अभी टला नहीं है। संभावना है कि इसका सेकेंड वेब आए। इसके लिए प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। उन्होंने मीडिया से आग्रह करते कोई भी बेहतर सुझाव हो बेहिचक शेयर करें ताकि इसपर कार्य किया जा सके। वरिष्ठ साहित्यकार रामरतन प्रसाद सिंह रत्नाकर ने कहा कि पत्रकारों का विश्वास नहीं टूटनी चाहिए। जब आप की विश्वसनीयता समाज में खत्म हो जाएगी तब पत्रकारिता का कोई मतलब नहीं रह जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रिट मीडिया का इतिहास पुराना रहा है जबकि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का इतिहास 30 साल का है। लेकिन चिता की बात यह है कि अब धीरे धीरे मीडिया से जन सरोकार के मुद्दे गायब हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कारपोरेट में आत्मा नहीं होती है। पत्रकारों से अपील करते हुए कहा कि संतुलन समन्वय एकता और भाईचारे में काम चाहिए ताकि देश और समाज का भला हो सके।

डॉ अशोक प्रियदर्शी ने कहा कि कोविड-19 का दौर 1966- 67 के आपातकाल आपदा की याद ताजा करा दी है। 1966 में आई भीषण आपदा का असर 1967 में दिखाई पड़ा था। उन्होंने कहा कि संभव हो संक्रमण का दौर खत्म हो जाए लेकिन इसके प्रभाव से बचना और बचाना एक बड़ी चुनौती है। ऐसे में मीडिया की सकारात्मक भूमिका का अहम रोल है।
सिविल सर्जन डॉ. विमल प्रसाद सिंह ने कहा कि करोना संक्रमण का दौर खत्म नही हुआ है। इसलिए अब भी स्वास्थ्य विभाग बचाव को लेकर हर संभव तैयारी कर रखी है। उन्होंने कहा कि नवादा में सब कुछ उपलब्ध है। नवादा के जिला पदाधिकारी यशपाल मीणा की सक्रियता के वजह से स्वास्थ्य के क्षेत्र में नवादा बिहार में अग्रणी भूमिका में है।
धन्यवाद ज्ञापन डीपीआरओ गुप्तेश्वर कुमार ने किया जबकि कार्यक्रम का संचालन विजय शंकर पाठक ने किया । इस मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। जिसके कलाकारों को जिलाधिकारी द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में जिलाधिकारी ने वरिष्ठ साहित्यकार रामरतन प्रसाद सिंह रत्नाकर को साल और बुके देकर सम्मानित किया। इस मौके पर पत्रकार मनोज कुमार, शैलेश कुमार सिंह, मनमोहन कृष्ण , सुनील चैधरी, मिथिलेश कुमार, वीरेंद्र वर्मा, अमित कुमार, रिकू कुमार ,सोनू कुमार, सनी भगत,संदीप कुमार, मोहम्मद समा समेत अनेक लोग मौजूद थे।
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