IND vs ENG : टीम इंडिया को जल्द ढूँढना होगा इस समस्या का हल वरना फिसल सकता है टी20 विश्वकप

टीम इंडिया इन दिनों इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैचों की टी20 सीरीज खेल रही है। जिसके पहले मैच में उसे अपने पुराने रोग के कारण मैच में 8 विकेट से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद चारों ओर से क्रिकेट पंडित, दिग्गज और फैंस ने सोशल मीडिया पर तमाम तरह की सलाह देना शुरू कर डाली। जिसको लेकर एक पंक्ति याद आती है कि जो भी आता है बताता है नया कोई इलाज फिर भी टीम इंडिया को नहीं मिल रही है पुराने रोग से इजाद।

जी हाँ, इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 मैच में टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली सबसे पहले तो टॉस हारे और उसके बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए मैच भी हार गए। इस तरह जब अक्टूबर-नवम्बर में खेले जाने वाले टी20 विश्वकप से पहले सिर्फ 4 ही टी20 मैच बाकी है तो टीम इंडिया को अपने इस पुराने रोग का इलाज भी बिना लोगों की सलाह से खुद ही ढूँढना होगा। वरना वो दिन दूर नहीं जब इसी समस्या के कारण घरेलू सरजमीं पर होने वाला टी20 विश्वकप भी हाथ से फिसल जाए।
दरअसल, टीम इंडिया को कप्तान विराट कोहली जिन्हें हम चेस मास्टर कहते हैं। उनकी कप्तानी में एक नया रोग लग चुका है। चेस करने की कला में टीम इंडिया पिछले दिनों में इतनी संपन्न होती चली गई कि टी20 क्रिकेट में पहले बल्लेबाजी करते हुए कैसे टारगेट सेट करना है शायद ये भूल गई। आकड़ों के अनुसार अगर आप देखेंगे तो समझ जायेंगे कि टी20 विश्वकप जैसे बड़े टूर्नामेंट से पहले कोहली की विराट सेना को इसका हल जल्द ही ढूँढना होगा।
जीत /हार का औसत
इंग्लैंड के खिलाफ पहले मैच में कप्तान कोहली टॉस हारे और पहले बल्लेबाजी करने आए टीम इंडिया के सभी बल्लेबाज थोडा संयम दिखाने के बजाए नियमित अंतराल में गेंद पर जोर से प्रहार करने के चलते आउट होते चले गए। नतीजा ये रहा कि 124 रन ही बनाने के बाद बुरी तरह से हार मिली।
इस तरह जबसे विराट कोहली ने टी20 क्रिकेट में कप्तानी संभाली है तबसे अगर कम से कम 5 ऐसे मैचों की बात करें जब टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी की है तो कोहली के नाम लगभग एक जीत दिखाई दे रही है। यानि 5 में से उनका जीत/हार का औसत 1.1 का है। जबकि इस लिस्ट में कोहली का 9वें नंबर पर नाम आता है।
पहले बल्लेबाजी में नाकाम भारत
टी20 क्रिकेट की बात करें तो कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया अभी तक 21 बार टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी है। जिसमें 10 बार जीत तो 9 बार हार मिली है। वहीं टॉस जीतने के बाद आज तक कोहली ने सिर्फ दो बार ही पहले बल्लेबाजी चुनी है। जिसमें से एक हार और एक जीत मिली है।
जबकि अभी तक कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया कुल मिलाकर 41 मैच खेल चुकी है। जिसमें 23 बार टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी की है। जिसमें उसके नाम 11 जीत तो लगभग इसी के बराबर 10 मैचों में हार भी मिली है। जबकि इसके विपरीत कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया ने 17 बार रनों का पीछा किया है। जिसमें रिकॉर्ड 13 जीत और सिर्फ 3 ही हार मिली है।
इस तरह के आकड़ों से साफ़ कह सकते हैं कि टीम इंडिया के लिए पहले बल्लेबाजी करना ही सबसे बड़ा रोग बन गया है। मैदान में जब भी कोहली के बल्लेबाज पहले बल्लेबाजी करने उतरते हैं तो बड़ा स्कोर बनाने के चक्कर में एक के बाद एक करके आउट होते चले जाते हैं। जबकि चेस करने की बारी आती है और सेट टारगेट मितला है तो टीम इंडिया के सभी बल्लेबाजों का माइंडसेट लक्ष्य के अनुसार सटीक चलता है। जिससे जीत हासिल होती है।
ऐसे में टीम इंडिया को अगर आगामी टी20 विश्वकप में सफलता प्राप्त करनी है तो बल्लेबाजों को टॉस हारने या जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए बड़ा व चुनौतीपूर्ण टारगेट सेट करना सीखना होगा। अन्यथा ये बीमारी भारत से घरेलू सरजमीं पर टी20 विश्वकप की जीत का सपना तोड़ सकती है।

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