बाबा रघुनी है मेरी पहचान, मैं रायपुरा हूं

सहरसा। मैं रायपुरा पंचायत हूं। अनुमंडल मुख्यालय से 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हूं। मेरा क्षेत्रफल नौ किलोमीटर लंबा एवं पांच किलोमीटर चौड़ा है। मैं भोराहा, नट्टीगढ़, बिदपुर एवं बलहमपुर से पंचायत बना हूं। गांव 14 हजार की आबादी मेरे यहां बसती है। में 1952 में अस्तित्व में आया था। मेरे बगल से कोसी नदी बहती है। मेरे यहां एक टीला है जिसे पुरातत्व विभाग की टीम ने भी सर्वे किया था। मेरी पहचान यहां के सिद्धपुरुष रघुनी बाबा से भी है। वह मेरी गोद में ही पले-बढ़े। सिद्ध, शौर्य एवं अपने पराक्रम से उन्होंने लोगों को आश्चर्यचकित किया था। कहा जाता है कि रघुनी बाबा लाठी के बल पर दर्जनों की संख्या में आने वाले बाघ के झुंड को भगा देते थे। उनके नाम पर बाबा रघुनी हाल्ट बना है। बाबा रघुनी की भव्य मंदिर निर्माण का कार्य प्रगति पर है। जहां श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है। चुनाव लड़ने वाले सभी प्रत्याशी बाबा रघुनी मंदिर में जाकर अपना माथा टेकते हैं और आशीर्वाद लेकर ही चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत करते हैं।


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मुख्य पेशा
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पंचायत के लोगों का मुख्य पेशा खेती है। विभिन्न प्रकार की सब्जी की खेती के लिए भी रायपुरा पंचायत की पहचान बन रही है। यहां मुख्य रूप से मक्का एवं धान की खेती होती है। सरकारी सहायता दिलाकर सब्जी की खेती को बढ़ावा देने की जरूरत है।
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पंचायत की प्रमुख समस्याएं
पंचायत में रोजगार का अभाव है युवा बेरोजगारी की समस्या से जूझ रहे हैं जिसके कारण युवाओं को पलायन होता है। पंचायत में हर घर नल का जल योजना के तहत पंचायत वासियों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने में सरकार पूरी तरह से विफल रही है। पंचायत के लोगों को स्टेट बोरिग की सुविधा नहीं मिल रही है। पंचायत में दो उपस्वास्थ्य केंद्र है, परंतु संसाधन एवं चिकित्सकों के अभाव में इस पंचायत के बड़ी आबादी को स्वास्थ्य सुविधा से वंचित होना पड़ता है। पशु अस्पताल में पंचायत वासियों को मयस्सर नहीं हुआ है।
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पंचायत एक नजर में
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पंचायत में कुल मतदाता-8528
पुरुष मतदाता-4490
महिला मतदाता-4038
कुल वार्ड-13
साक्षरता दर-85 प्रतिशत
कुल विद्यालय-9
प्लस टू विद्यालय-1
मध्य विद्यालय-2
प्राथमिक विद्यालय-6
आंगनबाड़ी केंद्र-13
शिव मंदिर-5
मस्जिद-4
उपस्वास्थ्य केंद्र-2

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