एक माह में सात हजार बच्चों ने छोड़ा स्कूल

सहरसा। जिले में शिक्षा विभाग शिक्षा से वंचित बच्चों को नामांकन कराने के लिए पंचायत स्तर पर नामांकन अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन जिले में एक माह में सात हजार बच्चों ने स्कूल आना ही छोड़ दिया है।

जिले में वर्ग एक से लेकर आठ तक करीब पौने चार लाख बच्चे नामांकित है। जिले के 1275 प्रारंभिक स्कूलों में नामांकित बच्चों में से सात हजार बच्चों ने पिछले एक महीने से स्कूल आना छोड़ दिया है। शिक्षा विभाग ने ऐसे बच्चों को चिह्नित कर उसे नए सिरे से विद्यालय से जोड़कर उसे अतिरिक्त वर्ग कक्षा आयोजित कर उन्हें प्रशिक्षित करने की कार्य योजना बनाई है। इसके लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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जिले में लाकडाउन के बाद सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में पठन पाठन शुरू कर दिया गया। सरकारी आंकड़ों की मानें तो विद्यालय कार्य दिवस के लगातार तीस दिनों तक जिले में करीब 7000 बच्चों ने नामांकन के बाद भी स्कूल नहीं पहुंच पाए।
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जुलाई माह 21 में चला नामांकन पखवाड़ा
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जिले में शिक्षा से वंचित एवं लाकडाउन में घर आनेवाले बच्चों को स्कूल में नामांकन कराने के लिए शिक्षा विभाग ने नामांकन पखवारा चलाया गया जिसके तहत वर्ग एक से लेकर आठ तक के बच्चों का नामांकन कराया गया। इसके तहत 58881 बच्चों का नामांकन कराया गया। जिसमें वर्ग एक में सबसे अधिक 33396 बच्चों का नामांकन सरकारी स्कूलों में हुआ। ----------------------
कोट
जिले में स्कूल नहीं आने वाले बच्चों को स्कूल से जोड़ने की मुहिम शुरू कर दी गई है। इसके लिए स्कूलों में विशेष वर्ग संचालन करने का निर्देश दिया गया है। बच्चों के नामांकन के लिए हर बार विशेष नामांकन पखवाड़ा चलाया गया है।
जियाउल होदा खां, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, समग्र शिक्षा अभियान

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