मतगणना में गड़बड़ी करनेवाले अधिकारी कर्मी के खिलाफ चलेगा स्पीडी ट्रायल

सहरसा। पंचायत आम निर्वाचन 2021 में प्रभावशाली व्यक्ति से मिलीभगत से मतगणना में गड़बड़ी की आशंकाओं को राज्य निर्वाचन आयोग ने गंभीरता से लिया है।

आयोग से सचिव ने इस संबंध में जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को पत्र भेजकर मतगणना में संलग्न पदाधिकारियों-कर्मियों की निष्पक्षता पर कोई प्रश्न चिह्न नहीं लगे, इसे सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। आयोग ने सचिव ने मतगणना अवधि में जिला पदाधिकारी को मतगणना स्थल पर स्वयं भ्रमण करने तथा जिला के सभी वरीय पदाधिकारियों को प्रख्ड आवंटित करने का आग्रह किया है, ताकि संबंधित अधिकारी आवंटित प्रखंड के प्रत्याशियों की शिकायतों को सुनकर विधिवत निराकरण कराने का आग्रह किया है।

सचिव ने कहा कि मतपत्र के माध्यम से होनेवाले पंच एवं सरपंच पदों में से यदि किसी पद विशेष पर मतों का अंतर सिगल डिजिट में और प्रत्याशी द्वारा पुनर्मतगणना का आवेदन दिया जाता है तो उसे निश्चित रूप से स्वीकार किया जाएगा और पुनर्गणना कराकर परिणाम घोषित किया जाएगा। कहा कि अगर मतों का अंतर सिगल डिजिट से ज्यादा है तो आवेदन को मेरिट के आधार पर निस्तार करते हुए अनुरोध को स्वीकृत या अस्वीकृत किया जाएगा। कहा कि अगर निर्वाची पदाधिकारी द्वारा पुनर्मतगणना संबंधी आवेदन की प्राप्ति रसीद नहीं दिए जाने की शिकायत मिली, तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा। कहा कि किसी प्रत्याशी को किसी मतगणना कर्मी पर संदेह है और इस संबंध में आवेदन दिया जाता है तो डीएम व अन्य वरीय पदाधिकारी उसपर नजर रखेंगे और थोड़ी भी शंका पर उसे हटा देंगे। सचिव ने कहा कि अगर जांच में अथवा याचिका के फैसले में आयोग पाता है कि किसी मतगणना कर्मी, निर्वाची पदाधिकारी अथवा सहायक निर्वाची पदाधिकारी द्वारा जानबूझकर किसी प्रत्याशी की मदद की गई है तो उनपर मुकदमा दर्ज कर स्पीडी ट्रायल चलाया जाएगा। साथ ही जिस प्रभावशाली व्यक्ति के पक्ष में यह कार्य किया जाएगा, उसे भी सह अभियुक्त बनाकर पंचायत राज अधिनियम की धारा 130 (17) के तहत कार्रवाई की जाएगी।

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