एक एएनएम के सहारे संचालित होता है एपीएचसी माणिकपुर

संसू., सूर्यगढ़ा (लखीसराय) : सूर्यगढ़ा प्रखंड के नदी कान्ही क्षेत्र के माणिकपुर में अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खुद बीमार है। इस अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन चिकित्सकों के इंतजार में बेजान बनकर रह गया है। हद तो यह है कि इस स्वास्थ्य केंद्र में नियुक्ति के बाद भी चिकित्सक अपनी ड्यूटी पर उपस्थित नहीं होते हैं। स्थानीय लोगों की मानें तो एक एएनएम के सहारे स्वास्थ्य केंद्र का संचालन किया जाता है। इस कारण इस क्षेत्र के लोगों को मरहम पट्टी से लेकर गर्भवती महिलाओं को भी पांच किलोमीटर दूर प्रखंड मुख्यालय स्थित सीएचसी जाने को विवश होना पड़ता है। जानकारी के अनुसार, नदी कान्हीं क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों की स्वास्थ्य सुविधा को ध्यान में रखकर कवादपुर पंचायत के लक्ष्मीपुर के ग्रामीण पूर्व मुखिया रामचंद्र प्रसाद सिंह ने अपने पिता द्वारिका प्रसाद सिंह व माता यशोदा देवी की स्मृति में जमीन राज्यपाल के नाम निबंधन कराकर अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना कराई थी। कुछ दिनों तक स्वास्थ्य सुविधा का लाभ आसपास के ग्रामीणों को मिला, लेकिन बाद में स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता के कारण यह केंद्र उपेक्षा का शिकार होकर रह गया है। इधर आयुष्मान भारत के तहत इस स्वास्थ्य केंद्र को हेल्थ ऐंड वेलनेस सेंटर बनाया गया। इसके बावजूद चिकित्सक के नहीं बैठने के कारण चिकित्सीय सुविधा लोगों को नहीं मिल पाती है।

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दो चिकित्सक का है पदस्थापन
यहां दो चिकित्सक का पदस्थापन है। एक आयुष चिकित्सक जहांगीर आलम की इन दिनों लखीसराय में प्रतिनियुक्ति है। जबकि डा. मधुमिता बुधवार को ड्यूटी पर नहीं दिखी। जबकि सप्ताह में छह दिन सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक ओपीडी संचालन करने की जिम्मेदारी इनकी है। हर रोज 25 से 30 मरीज इलाज करने आते हैं। एएनएम कोरोना टीकाकरण के कार्य में लगी थी। पूछने पर बताया कि रोगियों को अपने अनुभव के आधार पर दवा देती है। प्रसव कक्ष, ओपीडी, स्टाफ रूम, नवजात शिशु देखभाल कक्ष में ताला लटका हुआ था।

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