योगेंद्र हत्याकांड में पुलिस के हाथ अब भी खाली

संवाद सूत्र, बिहारीगंज (मधेपुरा) : बिहारीगंज थाना क्षेत्र की बभनगामा पंचायत स्थित फतेहपुर जेसीबी नहर के समीप छह माह पूर्व योगेंद्र दास (35) हत्या की गुत्थी सुलझाने में पुलिस विफल साबित हो रही है। हत्याकांड में शामिल बदमाशों का पहचान होने का दावा पुलिस कर रही है। इसके बावजूद पुलिस हत्यारे को पकड़ने व लूटी बाइक बरामद करने में विफल साबित हो रही है। मृतक की पत्नी सोनी देवी ने एसपी राजेश कुमार को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। सोनी देवी ने एसपी के आवेदन में कहा है कि उन्हें अब तक सरकार से ओर से दस लाख रुपये का मुआवजा भी नहीं मिला है। अपनी तीन पुत्री का भरण-पोषण, शिक्षा व्यवस्था जारी रखना मुश्किल हो गया है। उनके पति मजदूरी कर स्वजनों का भरण- पोषण करते थे। उनके हत्या के बाद आर्थिक स्थिति काफी खराब हो गई है। मालूम हो कि बीतें 22 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन योगेंद्र दास, ग्राम धरहरा, थाना बनमंखी, जिला पूर्णिया अपनी पत्नी को लेकर ससुराल बिहारीगंज थाना क्षेत्र के बभनगामा पंचायत स्थित फतेहपुर रौदी दास टोला निवासी बद्री दास के घर आया था। 23 अगस्त 2021 को अपने साला का पुत्र नीतीश कुमार (18) के साथ बभनगामा बाजार से घरेलू समान खरीद कर ससुराल रौदी दास टोला जा रहा था। इसी दौरान जेसीबी नहर के समीप पूर्व से घात लगाए बाइक सवार बदमाशों ने बाइक छीनने का प्रयास किया। विरोध करने पर बदमाशों ने योगेंद्र दास को सीने में गोली मार दी। खतरे को भांपते हुए नीतीश भागने में सफल रहा। थानाध्यक्ष रणवीर कुमार ने बताया कि हत्याकांड के डायरी का अवलोकन किया जा रहा है।


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