अनुपयोगी साबित हो रहा है पंचायत का आरटीपीएस सेंटर

संसू, नवहट्टा (सहरसा ) : पंचायत में संचालित आरटीपीएस काउंटर का लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है। अधिकांश पंचायतों में आरटीपीएस काउंटर खुलता ही नहीं है। सरकारी राशि से लगाया गया उपकरण अनुपयोगी साबित हो रहा है। यहां काम करने के लिए लगाए गए कार्यपालक सहायकों से अन्य कार्य लिया जा रहा है। सदर एसडीओ प्रदीप कुमार झा ने भी अपने निरीक्षण के दौरान पंचायत आरटीपीएस काउंटर चालू रखने की हिदायत दी।

---
आरटीपीएस काउंटर पंचायत में खोलने का उद्देश्य
----
ग्रामीण क्षेत्र में प्रखंड कार्यालयों पर आरटीपीएस का बोझ कम करने एवं लोगों को सुविधा देने के उद्देश्य से पंचायतों में आरटीपीएस काउंटर खोलवाया। सभी पंचायत में काउंटर खोल दिए गए, लेकिन काम नहीं हो सका। जिम्मेदार तंत्र की लापरवाही से आज तक लोग इस लाभ वंचित हैं। अपने विभिन्न कार्यों के लिए सैकड़ों लोग प्रखंड मुख्यालय का चक्कर लगाते नजर आते हैं। स्कूली बच्चों, उम्रदराज लोगों एवं महिलाओं को प्रखंड कार्यालय में जाकर काम कराने में काफी परेशानी होती है। ग्रामीण क्षेत्र में अगर यह केंद्र चालू हो जाता तो लोगो को जाति, आय, आवासीय प्रमाणपत्रों के लिए प्रखंड के चक्कर नहीं लगाना पड़ता। पेंशन तथा राशन कार्ड बनाने सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ पाने के लिए आनलाइन आवेदन करने के लिए प्रखंड मुख्यालय का चक्कर लगाने से छुटकारा मिल जाता।

-----
सभी पंचायतों में है आरटीपीएस काउंटर
----
प्रखंड के सभी पंचायतों में आरटीपीएस काउंटर चालू किया गया है जिस में खरका तेलबा में कार्यपालक सहायक अंजली कुमारी ,मुरादपुर में फरहीन अंजुम , हाटी में प्रदीप कुमार , बकुनियां में मिथलेश कुमार , नौला में अमरदीप कुमार , सत्तौर में रामानंद कुमार डरहार में पारस कुमार , शाहपुर में ज्योति कुमारी , मोहनपुर में अंजू कुमारी , चांद्रायण में ज्योति कुमारी , कासिमपुर विनीत मिश्रा, ़केदली में रामानुज कुमार कार्यरत हैं। इन्हें विभागीय अधिकारी अन्य कार्यों में लगाए रहते हैं जिससे इनका मूल कार्य प्रभावित होता है।
---
लोग लगाते हैं प्रखंड में चक्कर
----
प्रखंड क्षेत्र में 12 पंचायत हैं। जहां भवन के साथ कर्मी की बहाली कर दी गई है। इन कर्मियों को आवश्यक संसाधन विभाग द्वारा उपलब्ध भी कराया गया है। बिजली की भी व्यवस्था कई केंद्रों पर नहीं है। ग्रामीणों में मनोज राय ने कहा कि आरटीपीएस केंद्र हमेशा बंद रहता है। इसके कारण आम जनों को काफी परेशानी होती है। आलोक कुमार ने कहा कि गांव में यह सुविधा मिलती तो छात्र-छात्राओं को काफी फायदा होता। मंटू कुमार ने कहा कि मेरा गांव प्रखंड मुख्यालय से सात किमी की दूरी पर है। पंचायत में केंद्र संचालित होने से काफी फायदा होता। मजबूरी में प्रखंड कार्यालय आना जाना पड़ता है ।
--------
कोट पंचायत में आरटीपीएस काउंटर को व्यवस्थित एवं सुचारू किया जाएगा। जितेंद्र कुमार बीडीओ नवहट्टा

अन्य समाचार