अतिक्रमण की जद में फुटपाथ गायब, सड़क पर चलने की मजबूरी



संवाद सहयोगी, लखीसराय : लखीसराय शहर में फुटपाथ पर अतिक्रमण रहने के कारण आमजन परेशान हैं। फुटपाथ पर अस्थाई दुकानदारों का कब्जा है। अतिक्रमण के कारण फुटपाथ को ढूंढ पाना मुश्किल हो गया है। इस कारण राहगीरों को बीच सड़क से होकर गुजरना पड़ रहा है। ऐसे में हमेशा दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है। खासकर शहर के नया बाजार इलाके में नगर परिषद द्वारा निर्माण कराए फुटपाथ पर पूर्णरूपेण स्थानीय दुकानदारों एवं वेंडरों ने कब्जा कर रखा है। फुटपाथ पर अतिक्रमण इस कदर है कि पैदल चलने वालों को बीच सड़क पर होकर गुजरना पड़ रहा है। वहीं नगर परिषद प्रशासन को इससे कोई वास्ता नहीं है। ---

शहर में ढूंढने पर भी नहीं मिलता है फुटपाथ
शहर का नया बाजार सबसे व्यस्त इलाका माना जाता है। यहां सरकारी और कई निजी अस्पताल, कई बैंक, स्कूल और व्यवसायिक मंडी है। गाड़ी हो या पैदल यात्री दोनों को परिचालन में परेशानी होती है। फुटपाथ ही नहीं सड़कों का भी अतिक्रमण कर लिया गया है। शहर के नया बाजार पचना रोड, कबैया रोड में एंबुलेंस और अग्निशमन वाहन को भी काफी मशक्कत करनी पड़ती है। शहर के मुख्य मार्ग से ही कोर्ट कहचरी और समाहरणालय जाने का रास्ता है लेकिन सड़क के दोनों किनारे अतिक्रमण और वाहनों का अनियंत्रित तरीके से पड़ाव रहने के कारण लोग परेशान रहते हैं। आरके हाई स्कूल और डाक घर से सटे महावीर मंदिर के आगे फुटपाथ पर पर दुकानें सजती है। पंजाबी मोहल्ला मोड़ से लखीसराय स्टेशन की ओर जाने वाली मुख्य सड़क के दोनों किनारे बने फुटपाथ को स्थानीय दुकानदारों ने पूर्ण रूपेण कब्जा कर लिया है। इस एरिया में काफी भीड़ रहती है। आटो भी सड़क पर रहता है। ऐसे में लोग धक्का खाकर सड़क के बीच चलते हैं। पचना रोड में वार्ड नंबर 16 और 23 अंतर्गत सड़क के दोनों किनारे बने फुटपाथ पर अतिक्रमण है। लोग पैदल जाने के लिए भी रास्ते खोजते हैं। ---
जाम की है बड़ी समस्या
जिला विधिक संघ के पूर्व अध्यक्ष सह अधिवक्ता रमेश प्रसाद सिंह, रोहिणी दास कहती हैं कि शहर में जाम की समस्या है। सड़क चौड़ीकरण के बाद भी समस्या से लोगों को निजात नहीं मिल सकी। अक्सर उन्हें अपने कोर्ट जाने में परेशानी होती है। सड़क के दोनों किनारे दुकानदारों व आटो चालकों का अवैध कब्जा रहता है। सबसे अधिक समस्या स्कूल और कोचिग जाने वाले छात्र-छात्राओं के समक्ष पैदा होती है। कई बार जाम में फंसने के कारण इन्हें विद्यालय तक पहुंचने में देरी हो जाती है। स्थानीय वार्ड पार्षद श्रवण वर्मा कहते हैं कि शहर में फुटपाथ पर दुकानदारों ने अतिक्रमण कर कब्जा कर रखा है। जिला प्रशासन पूरी तरह जिम्मेदार है। ---
कोट
शहर में फुटपाथ और सरकारी नाला का अतिक्रमण करने वाले स्थाई एवं अस्थाई दुकानदारों को चिह्नित करके सूचीबद्ध कर लिया गया है। इन सभी को फुटपाथ खाली करने के लिए पूर्व में कई बार नोटिस भी दिया जा चुका है। जल्द ही फुटपाथ को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा।
मनीष कुमार, ईओ, नगर परिषद, लखीसराय।

अन्य समाचार