सदर अस्पताल : तीन सौ बेड स्वीकृत, सुविधा पीएचसी की भी नहीं

संवाद सहयोगी, लखीसराय : जिले के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दो वर्ष पूर्व ही लखीसराय के सौ शय्या वाले सदर अस्पताल को तीन सौ शय्या वाले अस्पताल की स्वीकृति दी। परंतु यहां मरीजों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर की भी सुविधा नहीं मिल रही है। जो चिकित्सक पदस्थापित हैं उन्हें ड्यूटी से मतलब नहीं है। विशेषज्ञ चिकित्सक तो हैं ही नहीं। दवा एवं पैथोलोजी जांच की व्यवस्था का भी अभाव है। तीन सौ शय्या वाले अस्पताल की स्वीकृति मिलने के बाद भी यहां सौ शय्या वाले अस्पताल के मानक के अनुसार ही चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मियों के पद स्वीकृत हैं। सूचना के अधिकार कानून के तहत उपलब्ध कराई गई सूचना से यह उजागर हुआ है कि सदर अस्पताल की स्वीकृति तीन सौ शय्या की है।


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स्वीकृत पद से भी कम संख्या में पदस्थापित हैं चिकित्सक चिकित्सकों के स्वीकृत पद - 34
पदस्थापित चिकित्सक - 16
चिकित्सकों के रिक्त पद - 18
लंबे समय से अनुपस्थित रहने वाले चिकित्सकों की संख्या - नौ
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विशेषज्ञ चिकित्सकों का है अभाव
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फिजीशियन के स्वीकृत पद - दो
पदस्थापित - शून्य
सर्जन के स्वीकृत पद - दो
पदस्थापित - एक
चर्म रोग विशेषज्ञ के स्वीकृत पद - एक
पदस्थापित - शून्य
मू‌र्च्छक का स्वीकृत पद - दो
पदस्थापित - शून्य
शिशु रोग विशेषज्ञ का स्वीकृत पद - दो
पदस्थापित - एक
ईएनटी विशेषज्ञ का स्वीकृत पद - एक
पदस्थापित - शून्य
नेत्र रोग विशेषज्ञ का स्वीकृत पद - एक
पदस्थापित - शून्य
पदस्थापित - शून्य
रेडियोलाजिस्ट का स्वीकृत पद - दो
पदस्थापित - शून्य
स्टाफ सर्जन का स्वीकृत पद - एक
पदस्थापित - शून्य
पैथोलाजिस्ट का स्वीकृत पद - दो
पदस्थापित - एक
---कोट
दो वर्ष पूर्व ही मुख्यमंत्री ने सौ शय्या वाले लखीसराय सदर अस्पताल को तीन सौ शय्या वाले अस्पताल के रूप में स्वीकृति दी है। तीन सौ शय्या वाले अस्पताल के भवन निर्माण को लेकर स्थल का चयन किया जा चुका है परंतु अबतक भवन के निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकी है। इसके अलावा तीन सौ शय्या वाले अस्पताल के लिए चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मियों का पद स्वीकृत नहीं किया गया है।
मु. खालिद हुसैन, डीपीएम, जिला स्वास्थ्य समिति, लखीसराय।

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