Gopalganj: 1 साल में महिला हेल्प लाइन की मदद से 238 टूटते परिवार हुए एक, बच्‍चों के चेहरे खिले



गोपालगंज, रजत कुमार: महिला हेल्पलाइन की पहल के बाद दंपती विवाद के टूटे रिश्ते अब जुड़ने लगे हैं। आंकड़े इस बात के गवाह हैं। महिला हेल्पलाइन की पहल के बाद 238 दंपती के बीच हुए विवाद का समाधान कर उन्हें फिर एक किया है। इस पहल के बाद रिश्ते टूटने की कगार पर पहुंचे कई परिवार फिर से एक हो गए।

आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2022 में महिला हेल्पलाइन में दंपती विवाद से जुड़े करीब चार सौ मामले आए थे। इन मामलों की काउंसलिंग के बाद दोनों परिवारों व दंपती को मिलाने की पहल की गई। इस पहल में अबतक 238 दंपती पुराने गिले-शिकवे भुलाकर एक हो चुके हैं।

महिला हेल्प लाइन की परियोजना निदेशक नाजिया मुमताज की मानें तो कांषांग कई सालों से दो टूटे परिवार को जोड़ने का कार्य कर रहा है। महिला हेल्प लाइन में आने वाले मामलों में दोनों पक्ष के लोगों को बैठकर बारी-बारी से विवाहिता व उसके ससुराल के लोगों की बातों को सुनने के बाद काउंसलिंग करने के साथ ही दोनों टूटे हुए परिवार को एक साथ जोड़ने के बाद एक बाॅन्‍ड बनवाया जाता है।
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इसके बाद पति-पत्नी व सास-ससुर खुशी होकर अपने घर के लिए रवाना हो जाते है। उन्होंने बताया कि कुछ मामलों में विवाहिता तो कुछ मामले में विवाहिता के पति की नासमझी के कारण महिला हेल्प लाइन से उसका निपटारा नहीं हो पाता है।


महिला हेल्प लाइन की मदद से पति-पत्नी के बीच चल रहे विवाद का निपटारा होने के बाद सबसे खुशी उन मासूम बच्चों को होती है। जो होश संभालने से पहले ही मां व पिता को अलग होते देखते हैं। जैसे ही महिला हेल्प लाइन में काउंसलिंग कराने के बाद मामले का निपटारा होता है, सबसे अधिक बच्चों के चेहरे पर खुशी होती है।
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