चौथम थानाध्यक्ष ने जदयू प्रखंड अध्यक्ष को थाने से दी जमानत

खगड़िया। बुधवार रात जदयू के चौथम प्रखंड अध्यक्ष खड़ग कुमार विजय समेत तीन को शराब पीने के आरोप में गिरफ्तार किए जाने के मामले में नया मोड़ आ गया है। इन्हें गिरफ्तार करने वाले चौथम थानाध्यक्ष नीलेश कुमार ने ही संशोधित उत्पाद कानून की धारा 37बी का लाभ देते हुए गुरुवार दोपहर 12 बजे थाने से जमानत दे दी।

थानाध्यक्ष के मुताबिक ब्रेथ एनलाइजर से हुई जांच में तीनों के शराब पीने की पुष्टि हुई थी, पर गिरफ्तारी के बाद बुधवार रात में ही तीनों की सीएचसी चौथम में हुई मेडिकल जांच की रिपोर्ट इसके उलट है। सीएचसी चौथम के ऑन ड्यूटी चिकित्सक ब्रजेश कुमार के मुताबिक पुलिस जब तीनों को जांच के लिए लेकर सीएचसी आई तब वे सामान्य थे। उनका मुंह भी शराब पीने जैसा नहीं महक रहा था। अन्य जांच में भी शराब पीने की पुष्टि नहीं हुई। इधर जमानत पर रिहा होने के बाद जदयू प्रखंड अध्यक्ष ने थानाध्यक्ष पर गलत मंशा से फंसाकर मानमर्दन करने का आरोप लगाया है।
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प्रखंड अध्यक्ष खड़ग कुमार विजय ने पिपरा में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें साजिश के तहत थानाध्यक्ष ने फंसाया है। वे जदयू के साथियों के साथ मानव श्रृंखला को सफल बनाने को लेकर पिपरा गांव में चर्चा कर रहे थे। इस दौरान थानाध्यक्ष दल-बल के साथ आए और उन्हें गाड़ी में बैठाकर थाना ले गए। थानाध्यक्ष द्वारा इस दौरान काफी प्रताड़ित किया। अभद्र भाषा का भी प्रयोग किया गया। उनलोगों की ब्रेथएनलाइजर से जांच भी नहीं की गई। बाद में मेडिकल के लिए चौथम अस्पताल भेजा गया। प्रखंड अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया है। वे लोग न्यायलय जाएंगे।
यहां जदयू के प्रखंड प्रवक्ता विकास शर्मा ने कहा कि मानव श्रृंखला को असफल करने के लिए विरोधियों द्वारा साजिश रचकर थानाध्यक्ष के सहयोग से प्रखंड अध्यक्ष को फंसाया गया है। कहा कि अगर चौथम थानाध्यक्ष पर कार्रवाई नहीं की जाती है तो जदयू सड़क पर उतरकर विरोध करेगी। इस मौके पर जदयू नेता पंकज शर्मा, भानु प्रताप सिंह, शिव कुमार सिंह, अमल कुमार सिंह, सन्नी कुमार आदि मौजूद थे।
इधर चौथम थानाध्यक्ष नीलेश कुमार ने बताया कि उनपर झूठा आरोप लगाया जा रहा है। शराबबंदी कानून का हर हाल में पालन कराया जाएगा। शराब बेचने और पीने वालों पर कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि ब्रेथएनलाइजर से सभी आरोपितों की जांच की गई थी। जिसमें शराब पीने की पुष्टि हुई है। सभी आरोपितों को जमानतीय धारा होने के कारण जमानत पर छोड़ा गया है। क्योंकि ये लोग नशा कर हंगामा नहीं कर रहे थे। वैसे थानाध्यक्ष ने यह नहीं बताया कि अब तक कितने वैसे लोगों को जमानत दी है जो शराब पीकर बिना हंगामा करते पकड़ा गया?
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2018 के अक्टूबर में बिहार मद्य निषेध और उत्पाद अधिनियम 2016 में संशोधन किया गया है। अगर कोई व्यक्ति नशे में पकड़ाते हैं और हंगामा नहीं मचाते हैं, तो उन्हें थाना पर से जमानत दिया जा सकता है।
कृष्णमुरारी, उत्पाद अधीक्षक, खगड़िया
Posted By: Jagran
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