कोरोना से लड़ने में बच्चों का करें सहयोग

सहरसा। कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में वृद्धि हो रही है। इसको लेकर लोगों के मन में डर भी बढ़ता जा रहा है। ऐसी परिस्थिति में बच्चे एवं किशोर मानसिक रूप से परेशान हो रहे हैं। बच्चों और किशोरों के स्कूल और कॉलेज बंद होने से घर बैठने को मजबूर हैं।

बाल्यावस्था व किशोरावस्था उत्साह एवं ऊर्जा का समय होता है। ऐसे में यदि उन्हें अचानक घर पर बैठना पड़ जाए तो उनके मानसिक स्वास्थ्य पर यह प्रतिकूल असर भी डालता है। इसलिए ऐसे समय में जरुरी है कि घर के माता-पिता बच्चों एवं किशोरों को अधिक समय दें। उनकी समस्या सुनें एवं उनके साथ गुणवत्तापूर्ण समय व्यतीत करें ताकि उनके ऊपर संक्रमण का डर हावी ना हो सके।

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हर बच्चे के साथ समय बिताएं
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पूरे देश में लॉकडाउन के कारण बच्चे घर पर रहने को मजबूर हैं। ना अपने दोस्तों से मिल सकते हैं और ना ही अपने पसंद के खेल बाहर खेल सकते हैं इसलिए यह जरुरी है कि माता-पिता घर के हर बच्चे के साथ समय बिताने के लिए अलग समय तय करें। यह सिर्फ 20 मिनट या उससे अधिक समय के लिए भी हो सकता है।
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बच्चों से पूछें कि वे क्या चाहते हैं
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बच्चे से जरुर पूछें कि घर पर रहकर वे क्या करना चाहते हैं। इससे बच्चे का आत्मविश्वास बढ़ेगा एवं यदि बच्चे अपने पसंद की चीजें करेंगे तब वे कोरोना संक्रमण की बातें सोचने से कुछ देर मुक्त हो सकेंगे। साथ ही वे आपके और करीब आ सकेंगे। बच्चों के साथ गाना गाएं, चम्मच एवं बर्तनों से संगीत बजाए, किताब पढ़कर या चित्र दिखाकर, एक कहानी बताएं।
Posted By: Jagran
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